संवाददाता:शमशुल कुरैशी/दैनिक मंगलौर
मंगलौर/रूड़की। भूमाफियाओं के द्वारा फर्जी दस्तावेज़ बनाकर एक बहुत बड़े नेटवर्क का स्पेशल टास्क फोर्स वह हरिद्वार की रूड़की पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। फर्जी कागज़ात बनाकर जमीनों पर कब्जा करने वाला यह नेटवर्क उत्तराखंड के बड़े कुख्यातों के देखरेख में चल रहा था। रुड़की के एक बहुत बड़े गैंगस्टर के भतीजे व एक करीबी व्यक्ति के सहयोग से चल रहा था। एस टी एफ देहरादून वह रूड़की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपए की जमीनों को हथियाने वाले कुख्यात गैंगस्टर के भतीजे सहित एक करीबी को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी हत्या जैसे वारदात में यह गैंग शामिल है। पुलिस के अनुसार यह गैंग फर्जी कागज़ात बनाकर जमीनों पर कब्जे करने का साथ ही पार्किंग ठेकों के लिए भी सक्रिय था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा अवैध तरीकों से करोड़ों की संपत्ति हड़पी है।
गौरतलब है कि हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र सिंह डोभाल के नेतृत्व में जनपद की पुलिस लगातार बदमाशों पर प्रहार कर रही है। जब से एसएसपी परमेंद्र सिंह डोभाल ने हरिद्वार जनपद की कप्तानी संभाली है,तब से लगातार जिले की पुलिस ने बड़े बड़े बदमाशों को नेस्तनाबूद किया है। साथ ही किसी भी छोटे बड़े अपराधी को भी जनपद की पुलिस सर उठाने का मौका नहीं दे रही है। गुरुवार को कोतवाली रूड़की पुलिस व स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त बड़ी कार्रवाई में क्षेत्र में गैंगस्टर प्रवीण बाल्मीकि जैसे कुख्यातों के सहयोग से चल रहे एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ देहरादून टीम वह रूड़की कोतवाली पुलिस ने गैंग के सरगना कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण बाल्मीकि के भतीजे वह भाजपा से नगर निगम रूड़की पार्षद मनीष उर्फ बॉलर वह उसके सहयोगी पंकज अष्टवल को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा बताया गया है यह भूमाफिया गैंग फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी जैसे कागज़ात बनाकर जमीनों पर कब्जा कर लेता था।
इनके अलावा गैंग में कुछ ओर अभियुक्त भी इनके साथ इस अवैध कार्य को अंजाम तक पहुंचा रहे थे। शुरुआती जांच में सामना आया है कि गैंगस्टर प्रवीण बाल्मीकि जेल से इस नेटवर्क को चला रहा था। 
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेसवार्ता कर बताया है कि अभियुक्तों व अन्यों के द्वारा रुड़की के सुनहरा निवासी श्याम बिहारी की 2014 में मृत्यु के बाद उनकी करोड़ों रुपए की संपत्ति पर अवैध कब्जे की साजिश रची गई। इस दौरान संपत्ति की देखरेख कर रहे श्याम बिहारी के भाई कृष्णपाल की हत्या कर दी गई। फिर 2019 में श्याम बिहारी की पत्नी रेखा पर सम्पत्ति बेचने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि रेखा वह उसके भाई के द्वारा मना करने पर मनीष बॉलर वह उसके साथियों द्वारा गोली चलाई गई। दहशत के वजह से श्याम बिहारी की पत्नी ओर उसका परिवार क्षेत्र छोड़कर कही ओर रहने के लिए चला गया। मनीष बॉलर व उसके साथियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर रेखा,स्नेहलता के नाम से नकली पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई गई। इसी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन पंकज अष्टवाल के नाम कर दी गई। उन्होंने आगे बताया कि मामले में रुड़की कोतवाली पुलिस के साथ स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून ने मनीष बॉलर, पंकज अष्टवाल निवासीगण ग्राम सुनहरा रूड़की को गिरफ्तार किया है। मामले में गैंग में शामिल अभियुक्तों की संपत्ति की जांच वह गिरफ्तार के प्रयास तेज कर दिए। वारदात में शामिल सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
