संवाददाता:शमशुल कुरैशी/दैनिक मंगलौर
मंगलौर/रुड़की। सोमवार को रुड़की तहसील परिसर में सूबे की विजिलेंस की टीम ने तहसील परिसर के एक पेशकार को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपित पेशकार ने महिला अधिवक्ता से किसी काम के लिए रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत अधिवक्ता महिला ने देहरादून की विजिलेंस टीम से की थी।
गौरतलब है कि रुड़की तहसील परिसर में उस वक्त हड़कंप में गया,जब रुडकी तहसीलदार के एक पेशकार रोहित निवासी अंबर तालाब रुड़की को देहरादून की विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथो हजारों रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। रोहित अपर तहसीलदार के पेशकार के रूप में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने एक महिला अधिवक्ता से किसी जरूरी कार्य को कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

कैमिकल लगे नोट और फुलप्रूफ प्लान
विजिलेंस टीम ने योजना के तहत महिला अधिवक्ता के हाथ में कैमिकल लगे नोट देकर पेशकार के पास भेजा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, मौके पर पहले से मौजूद टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
इसके बाद सबूत के तौर पर पीड़िता और आरोपी दोनों के हाथों को पानी में डाला गया, जिससे कैमिकल का रंग उभरकर सामने आया और रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। रिश्वत के आरोपित को तहसील परिसर में ही गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस टीम ने पूरी कार्यवाही को रुड़की तहसील परिसर में ही अंजाम दिया। देहरादून विजिलेंस की कार्यवाही से अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा रहा। विजिलेंस देहरादून की टीम ने मौके पर ही आरोपी से पूछताछ भी की है। यह घटना राज्य भर के सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही की ज़रूरत को एक बार फिर उजागर करती है। आमजन को समय पर न्याय और कार्य की पूर्ति तभी मिल सकती है जब रिश्वतखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाए। विजिलेंस की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
